बिहार में अब नहीं बिकेगा सूखा नशा, मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो रखेगा पैनी नजर
बिहार में सूखे नशे के खिलाफ एक रणनीति तैयार की गई है. जिसके तहत "मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो" का गठन किया गया है.
पटना: बिहार सरकार ने राज्य में तेजी से फैल रहे सूखे नशे के कारोबार पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. गृह विभाग ने इस दिशा में एक नई इकाई के गठन को स्वीकृति दे दी है. इस इकाई का नाम "मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो" रखा गया है. इसके गठन की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है.
एसपी, डीएसपी की होगी तैनाती: एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने बताया कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद सूखे नशे और अन्य मादक पदार्थों के कारोबारियों ने राज्य में पैर पसारने की कोशिश की है. इस पर लगाम लगाने के लिए विशेष रूप से ब्यूरो तैयार किया गया है.
एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन,100 नये पद सृजित: उन्होंने बताया कि पूर्व सृजित 229 पदों के अलावा 100 नये पद सृजित हुए हैं. इस इकाई का नेतृत्व एडीजी या आईजी रैंक के अधिकारी करेंगे, जिनके पास जिलों में सभी प्रकार के नारकोटिक्स ड्रग्स सेसंबंधित दर्ज कांडों का अनुसंधान करने की स्वतंत्र शक्ति होगी. साथ ही इसमें दो एसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर और 50 सब-इंस्पेक्टर की तैनाती की जाएगी.
तुरंत एक्शन लेगी नई इकाई: एडीजी ने आगे बताया कि नई इकाई बनने के बाद राज्य में तस्करी की निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया और सख्त होगी. यह ब्यूरो हर जिले से सूचनाएं इकट्ठा करेगा और उनके आधार पर तुरंत एक्शन लेगा. इसके अलावा नशा कारोबार से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए तकनीकी और खुफिया साधनों का भी इस्तेमाल किया जाएगा.
''युवाओं के बीच नशीले इंजेक्शन, टेबलेट और पाउडर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. ऐसे में नई इकाई "मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो का मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी और खरीद-बिक्री पर पूर्ण रोकथाम करना है''. -कुंदन कृष्णन, एडीजी (मुख्यालय)
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?: विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे पदार्थ ना केवल स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं, बल्कि समाज और परिवार पर भी बुरा असर डालते हैं. राज्य सरकार ने कई बार छापेमारी और गिरफ्तारी की कार्रवाई की, लेकिन नशे का अवैध कारोबार पूरी तरह से खत्म नहीं हो पाया.
क्या कहती है सरकार?: राज्य सरकार का मानना है कि जब तक सूखे नशे पर प्रभावी ढंग से रोक नहीं लगेगी, तब तक समाज को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का सपना अधूरा रहेगा. यही वजह है कि सरकार ने अब इस मुद्दे को लेकर विशेष इकाई खड़ी की है.
गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना: गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में साफ कहा गया है कि यह ब्यूरो सिर्फ और सिर्फ मादक पदार्थों से जुड़े मामलों को देखेगा. वहीं, शराबबंदी कानून लागू करने का काम मद्यनिषेध विभाग और पुलिस की संयुक्त जिम्मेदारी रहेगी, जबकि नशे के दूसरे रूपों के खिलाफ यह ब्यूरो अलग से काम करेगा.
बड़े शहरों में सक्रिय होगी इकाई: सूत्रों के अनुसार, इकाई के गठन के बाद शुरुआती चरण में इसे बड़े शहरों और बॉर्डर इलाकों में सक्रिय किया जाएगा. इन इलाकों में नशे की सबसे ज्यादा तस्करी होती है. साथ ही, ग्रामीण इलाकों में भी विशेष निगरानी तंत्र तैयार किया जाएगा, ताकि किसी भी स्तर पर मादक पदार्थों की आपूर्ति ना हो सके.

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