प्रेस विज्ञप्ति
.............. आज दिनांक 15 अगस्त को बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास मंत्री जीवेश कुमार ने जिला अतिथि गृह मे प्रेस वार्ता को संबोधित किया।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि आज सवेरे स्पेशली आग में घी डालने की दृष्टिकोण से जाले में माननीय नेता प्रतिपक्ष का आगमन हुआ और सिंहवाड़ा थाना गए और सिंहवाड़ा थाना में जाकर के असत्य जो बातें हैं उसको लेकर के जोर डाल करके एफआईआर कराने का काम थानाध्यक्ष को दबाव में डाल कर एफआईआर कराने का काम किया। मित्रों, मैं पूरी घटना आपके समक्ष रखना चाहता हूं। हमारे हमारे सिंह द्वारा ब्लॉक में एक राजो पंचायत है। जिस राजो पंचायत के अंतर्गत हमारे कार्यकर्ता हैं अर्जुन साहनी जी उनकी माता का निधन हो गया। उनकी आयु भी कम ही थी अभी और हार्ट अटैक के कारण उनकी मृत्यु आज से पांच सात दिन सात दिन पहले हो गई। तो हमारी आदत है क्षेत्र में जब भी कोई घटना अप्रिय घटना घटती है तो मैं पुरसाहाल में उस पीड़ित परिवार के पास जरूर जाता हूं। उनको मिलने जाता हूं। इसी नीयत से कल साढ़े 06:00 बजे के आसपास जब हम राजू पहुंचे तो कुछ कार्यकर्ताओं ने सूचना दिया होगा कि माननीय मंत्री जी आ रहे हैं वहां पुरसाहाल के लिए तो पीड़ित परिवार को जब मैं मिलने गया तो वहीं एक दिवाकर नाम के व्यक्ति जो अपने को पहले पत्रकार। उन्होंने अपने को पत्रकार बताया। जब हमारे मीडिया के साथियों ने पूछा कि पत्रकार हैं तो कोई आईकार्ड होगा, दिखाइए किस चैनल से हैं, किस प्रेस से हैं, किस अखबार से हैं तो उन्होंने दिखाने से मना कर दिया कि हमारे पास सब है, सब है लेकिन हम आपको दिखाएंगे, अभी नहीं दिखा सकते। और वहां के स्थानीय लोगों ने उनको समझाया कि यहां आए हैं मातम में पुरसाहाल में आए हैं। कोई विषय होगा तो आप बाद में कर लीजिएगा। यह उपयुक्त समय नहीं है। उचित समय नहीं
है। जो घर के स्वामी हैं, जिनके घर में गया था, उन्होंने भी इस बात को उनको समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। सड़क पर आकर अपना कुछ कुछ जो रिपोर्टर के की तरह अपना बोलते हुए कुछ शालीनता, मर्यादा भंग करके अपना रिपोर्टिंग कर रहे होंगे। हम लोग जब पुरसाहाल के लिए वहां बैठे और वहां से जब वहां से जब निकले हैं तो निकलने के बाद वह सवाल करने की कोशिश की है तो हमने पहले ही उनको एक बार बिठा कर मैंने समझा दिया था कि आप जिस रोड की चर्चा कर रहे हैं वह रोड ग्रुप टेंडर में छिंदवाड़ा में ऑलरेडी उसका सलेक्शन हो चुका है। उसका टेंडर हो चुका है और उसका ठेकेदार नियुक्त हो चुका है। इसके ठेकेदार राजेंद्र सिंह ब्रदर्स हैं, जो आलरेडी इसके ठेकेदार नियुक्त हो चुके हैं। यह बात जब मैं बैठा हुआ था उसी समय उनको मैंने समझा दिया कि जिस सड़क की आप चिंता कर रहें हैं वह सड़क स्वीकृत ही नहीं हुआ। टेंडर होकर के बनने की प्रक्रिया में है। एक साथ 29 सड़क ठेकेदार को मिला है और इसमे इसका इकरारनामा 31 जुलाई 25 को कर लिया है। एक दो जगह काम लगा कर यह काम कर भी रहा है। लगभग ₹30 करोड़ की यह सड़क है। जिस 29 सड़क में सिंह द्वारा जिला के 29 सड़क में 17 सड़क केवल हमारे विधानसभा अंतर्गत है बाकि जो सड़कें बचती है 12 करोड़ का है और 17 सड़क में। यह जो दो प्रमुख सड़कें भरवारा से शंकरपुर और पट्टी जिस सड़क की चर्चा वह नौजवान कर रहा था वह सड़क 35700000 की लागत से बनना निश्चित है। उसका शिलान्यास भी माननीय मंत्री के द्वारा करना था। जो
विभागीय मंत्री है उनका आना था, सिंह द्वारा करना था, कतिपय कारणों से डिले हुआ। लेकिन हम लोगों ने ठेकेदार से कह दिया था कि आप काम को प्रारम्भ करिए क्योंकि ठेकेदार भी जो है वह वो कांग्रेस पार्टी से ताल्लुक रखते हैं। पहले पूर्व विधायक रहे हुए हैं रीवा के। उनकी पत्नी के नाम पर यह संभवतः फॉर्म है तो वह थोड़ा सा टालमटोल कर रहे हैं चुनावी दृष्टिकोण से कि किसी प्रकार से सर के ना बने और जो टिकटार्थी है जो आगे टिकट चाह रहे हैं, कोई कांग्रेस से, कोई जनता दल राष्ट्रीय जनता दल से। उनमें आपसी होड़ का वातावरण है और वह अभी जाकर के हर गांव में भोले भाले लोगों को यूट्यूब पर समझाते हुए अगर आप खंगालेंगे तो पत्रकारिता की अपनी एक मर्यादा होती है। और जो मातमपुर्सी की जगह थी वहां अगर उनको मना किया गया कि आप इसके बाद कोई सवाल होगा तो बताइएगा। आपका यह रोड ऑलरेडी स्वीकृत है। हम बनाने जा रहे हैं। बहुत जल्द बनेगा तो 10 साल में नहीं बना तो अब कब बनेगा। रोड की एक समय सीमा होती है। एक बार जब बनेगा तो पांच साल बाद उस रोड को पुनः निविदा में लिया जाता है और उसका जैसे ही पांच साल पूरा हो गया उस सड़क को हमने निविदा में ले लिया और आपको बताते हुए प्रसन्नता है कि वो सड़क बनने जा रही है। और आप देखिए कि केवल दो दिन पहले उस्मानी जी करके एक व्यक्ति है जो पिछली बार चुनाव लड़े थे। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से आकर के जिनके बारे में ऋषि मिश्रा जी ने कहा कि यह जिन्ना का मुन्ना है, ये जिन्ना का बच्चा है। टिकट ले लिया है अलीगढ़ मुस्लिम
विश्वविद्यालय में खड़े होकर के कांग्रेस के लोगों को पटाकर के। और यह दो दिन पहले वहां गए हैं और इस बच्चे के साथ बैठकर के हमारे हत्या की साजिश रचे हैं, यह देख लीजिए। इसके साथ मिलकर के हत्या की साजिश रचे हैं। यह फोटो, इसके, इसका यह गवाही है और मैं पुलिस को इसके अनुसंधान के लिए कहता हूं कि इन लोगों को लग रहा है कि जेल में जुबेर को हराना मुश्किल है। विकास के आगे मैं 425 किलोमीटर रोड जेल में बनाया हूं। ग्रामीण सड़कें जो पूरे बिहार में अपने आप में एक रिकॉर्ड है और एक एक प्रामाणिकता के साथ लिखित रूप से मैं जनता की अदालत में किताब बना कर के इसको अपराध की साजिश रच रहे हैं। और आपको बता दें गाड़ी में बैठा गाड़ी में बैठकर। आगे आगे होंगे। इतने असत्य बोलकर एक दम से उसने जीवेश मिश्रा का कहीं छाया नहीं है कहीं। सीमा को भी गिरा रहे हैं। वह सायरन का इस्तेमाल करके भाग रहे हैं। जब मंत्री जी भाग गए तो मंत्री जी उन पर हमला कैसे कर दिए? मेरा सवाल इस सवाल का जवाब श्रीमान तेजस्वी यादव जी दें कि जब वही पत्रकार कह रहा है। मंत्री जी को बिना सवाल का जवाब दिए भाग गए। मंत्री जी ऐसे व्यक्ति हैं। मंत्री जी काम करके जवाब देते हैं। मंत्री जी बड़बोले के जैसा। जाकर के जिसने कुछ नहीं किया। हर दिन एक वीडियो बनाकर डाल रहा है। जिसने काम किया है वह प्रमाण लेकर आता है और प्रमाण के साथ प्रेस करने की हिम्मत जुटाता है। यह लिखित किताब है जो मैं कुछ मीडिया के साथी जिनको चाहिए होगा उनको मैं देने की हिम्मत रखता हूं और यह बिहार सरकार के साइट का टेंडर है। जिस रोड के हवाले से मेरी हत्या करने की साजिश रची गई थी, वह ऑलरेडी स्वीकृत रोड है, इकरारनामा हुआ पड़ा है। इसकी कॉपी भी अगर आपको चाहिए तो मैं आपको देने के लिए तैयार हूं। एक पढ़ा लिखा मीडिया का कोई साथी अपने को कहता है। यूट्यूब पर कहता है तो उनके यूट्यूब चैनल पर देख लीजिए। कितने कितने वीडियो इसके पहले हैं और किसका किसका इंटरव्यू यूट्यूब पर आया है। कितने न्यूट्रल होकर उन्होंने पत्रकारिता की है, यह भी आपको खंगालना चाहिए। नहीं तो पत्रकारिता मर जाएगी और लोगों को पत्रकारिता के ऊपर इस प्रकार के संदेह खड़े करने का अवसर मिलता रहेगा। इसलिए मैं आपसे निवेदन करता हूं की इस प्रामाणिकता को अगर रोड नहीं ये तो बिहार सरकार के साइट पर दिखता है। मेरे से सवाल करने की जरूरत ही नहीं है। आप साइट खंगालकर देखिए, ये मिल जाएगा। और। मतलब रोड नहीं था। मतलब किसी बहाने घेरकर मेरी गाड़ी को पूछ देना। मुझे गाड़ी के अंदर मेरी हत्या कर देना। इतना बड़ा पत्थर पहले से लेकर रखा गया था जिसको उठाकर मेरे सर पर फेंकने की तैयारी थी और थानेदार ने। लगता है स्थिति को भांपा और वो मुझे पहले ही वहां से लेकर के आगे चला गया। तीन गाड़ी, थाने की गाड़ी। और एक मेरा एस्कॉर्ट। मेरी गाड़ी वहां से निकल गई। मेरी दो गाड़ी सिंगल रास्ता होने के कारण जो पीछे। का स्कॉट होता है और एक गाड़ी होती है जिसमें बाकी कैमरामैन बाकी लोग होते हैं। वो गाड़ी पीछे रुक कर। आप पता करेंगे की कैसे जो अपने को पत्रकार कह रहे थे वो बोनट पर कूद कर बैठ गए। तभी नीचे उतर गए। अपने हाथ में जो बाइक का डंडा था, उससे उसका शीशा मार कर फोड़ दिए और बाद में कहे कि यह हमारा माइक तोड़ दिया गया। यह सब आरोप गलत आरोप लगाए गए। थाना खुद पहुंच कर के बाद में वहां से गाड़ी रिलीज कराई और गाड़ी के पीछे भागने के क्रम में वह गिरे जरूर। ऐसा मुझे वहां के स्थानीय लोगों ने बताया कि जब गाड़ी का शीशा पीछे से मार कर तोड़ रहे थे अपने माइक वाले डंडे से तो पीछे जब वह भाग रहे थे तो भागने के क्रम में एक बार गिरे जरूर। फिर खुद से अपना कपड़ा फाड़ कर के बाद में जब डीएसपी और थाना आता है तो खुद से कपड़ा फाड़ करके वह अपना वीडियो बना कर के अन्य साथियों को बताने की चेष्टा करते हैं। तो मैं इन बातों को आपके समक्ष इसलिए रखा कि वस्तुस्थिति पर पर्दा डालने का काम श्रीमान तेजस्वी यादव जी कर रहे थे और तेजस्वी यादव जी को मैं जरा याद दिला देना चाहता हूं कि जिस एमएलए को बगल में लेकर।
एफआईआर दर्ज कराने गए थे। तेजस्वी यादव जी। बच्चे रहे होंगे उनके। उनकी याददाश्त उस समय उतनी मजबूत नहीं रही होगी। एक एमएलए जिनको लेकर आज गए थे एफआईआर दर्ज कराने, वो एक दलित बेटे का हाथ का नाखून खींच लिए थे सरसी से अपने घर में बिठा करके तेजस्वी यादव जी किसको लेकर गए एफआईआर दर्ज कराने? तो जरा आप इस बात को रखिए कि उनके बगल में बैठा हुआ व्यक्ति एक एमएलए था जो सरसी से एक दलित के बेटे का हाथ का पांव का नाखून अपने आवास में बुला कर खींच लिया। तेजस्वी यादव वही व्यक्ति हैं जिनके पिता और माता के शासनकाल में एक आईएएस ऑफिसर की पत्नी चंपा विश्वास के साथ क्या किया गया। ये बात भी तेजस्वी यादव को अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में न्यूट्रल होकर के मीडिया के साथियों को बताना चाहिए था। और तेजस्वी यादव वही व्यक्ति हैं जिनके पिता ने किसी यूट्यूबर को नहीं दिखा रहा हूं। आप देख लीजिए। जरा सुन लीजिए।
हो सकता है। मैं। आपसे एक सवाल पूछ रहा हूं। ये बोलने का आपका तमीज नहीं है। ये तमीज पैदा करेंगे, राज करेंगे और वीडियो कॉलिंग होगी क्या? फिर वही जवाब बोल रहा है अगर तुम मेरी आवाज़।
सुन लेना दे देंगे, दो मुंह का नाच के गिर जाओगे। तेजस्वी यादव जी को इसका भी जिक्र करना चाहिए था कि यह कोई साधारण वर्कर नहीं बोला है। राष्ट्रीय अध्यक्ष, जनता दल, राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उनके पिता ने पत्रकार बंधुओं से कहा और भारत और अन्य पत्रकार बंधु जो उनसे सवाल कर रहा है, उनसे कहा कि दे देंगे दो मुक्का तो नाच के गिर जाओगे। तो तेजस्वी यादव जी को इसका जिक्र भी आज अपने प्रेस कांफ्रेंस में करना चाहिए था। बाकी अगर ऐसे छोटे छोटे बिंदुओं का अगर हम हवाला देंगे तो बड़ी लम्बी लिस्ट है। बहुत लंबा लंबा प्रेस कांफ्रेंस हो जाएगा। तेजस्वी यादव जी आए थे आज जिक्र कर रहे थे इसको हमारे साथ अंजनी निषाद जी बैठी हुई। हमारे कार्यकर्ता जिनके माता का निधन हुआ वह अर्जुन साहनी जी है। उनके घर में गया था मातम के लिए और तेजस्वी यादव जी लीडर अपोजिशन नहीं थे, डिप्टी सीएम थे। जिस समय उनके एक एमएलए इसराइल मंसूरी जो उस समय मंत्री थे, एक साहनी समाज के लड़के की हत्या करवा देने में उनका नाम आया था और जमकर बवाल काटा गया। विधानसभा के अंदर तेजस्वी यादव जी ने उनका इस्तीफा क्यों नहीं लिया?
अगर उनको थोड़ा भी मोरल अगर हो कि हमको जेल जाना है और जेल जाकर के सिंह द्वारा में एफआईआर कराना है तो उससे पहले जरा उनको अपने इसराइल मसूरी की चिंता कर लेनी चाहिए थी। उस समय भी उस हत्याकांड का दोषी कौन था? अनुसंधान चल रहा था और मैं आपके अदालत में एकदम जिम्मेदारी पूर्वक एक बात कह रहा हूं। उन्होंने नकली दवा का चर्चा किया है। मामला सब जुडी है नकली दवा का। कोई मेरे ऊपर आरोप नहीं है और न ही मेरे ऊपर किसी प्रकार की कोई सजा मुकर्रर की गई है। मामला सब जुड़ी है। मैं तेजस्वी यादव जी को नोटिस भेजने वाला हूं। कल से परसों तक डिफेमेशन का डिफेमेशन का केस फाइल करूंगा। इसका भी जवाब श्रीमान तेजस्वी यादव जी देंगे। यह भी मैं आपको अभी यहां कहना चाहता हूं और मैं उनको एक बात और याद दिला देना चाहता हूं। बड़े भाव से कार्यकर्ता उनको मिलने गया था। हेलीपैड पर आप लोगों के जो कंपनी है उसका कैमरा जरूर कैद किया होगा। हाथ पकड़ के झुलाकर जैसे आदमी। यह फेंकता है बैट बॉल जैसे घुमाता है। हाथ पकड़ के हेलीपैड से झुला कर के उस बेचारे को फेंक दिए थे। तेजस्वी यादव जी को याद रखना चाहिए था कि वह भी एक अतिपिछड़ा का बेटा था। तेजस्वी यादव जी को ध्यान रखना चाहिए तेजस्वी यादव जी को ध्यान रखना चाहिए कि इसराइल मसूरी के ऊपर जो हत्याकांड का आरोप लगा था वह भी एक साहनी समाज का बेटा था। उसको ध्यान रखना चाहिए था। मैं किसी विवाद में नहीं हूं। मेरा किसी विवाद से कोई लेना देना नहीं है। कल यह कुछ लोग ऐसे थे जिनके द्वारा एकदम हत्या की साजिश
रची गई थी। भगवान ने मुझे बचाया। पुलिस की तत्परता ने मुझे। उस जगह से मैं पहले ही निकल गया था। मेरे साथियों को भी निकाला। उनका जो साजिश था उसका पर्दाफाश हो गया। मैं पुलिस से और सरकार को भी। मैंने कहा है कि इसका एकदम दूध का दूध पानी का पानी कराएं। एकदम सही तरीके से इसका अनुसंधान हो और इसकी पूरी तत्परता के साथ जांच हो। क्योंकि जो वीडियो दिखाया गया है उसमें कहीं हमारी छाया मात्र भी नहीं है। एक शब्द को उसमें का एक शब्द को हमारा शब्द बताकर उसको प्रचार किया जा रहा है। मैं जब बाहर चला गया, थानेदार को भी मालूम है कि मैं उसकी गाड़ी के पीछे पीछे जब राजू पहुंच गया तब यह घटना पट्टी में घटी है। वह किसी और के वॉइस को खुद उनके साथ जो लोग थे, उन्हें वहां के स्थानीय, उनकी वॉइस को, हमारे वॉइस को को बता कर के दुष्प्रचार किया जा रहा है। तो हम तो सरकार में कहेंगे की भाई इसकी भी जांच हो जाए की वो वॉइस किसकी है और कौन है कहां से निकला है। तो यह सब गलत दलील मेरा। मैं जब भाग ही गया मेरा जब शीशा ही नहीं खुला। जब मैं सायरन का प्रयोग करके भाग गया तो उनको मारा कौन?
फिंगरप्रिंट किसका ढूंढ रहे हैं वो तो यह सब काम मुस्तैदी के साथ एक एक करके खुद को युटुब पर कहिए या मोबाइल कैमरा धारी कहिए, हम तो उनको मोबाइल कैमरा धारी बोल रहे हैं। मोबाइल कैमरा धारी ने खुद ही अपने डायलॉग में कहा है की देखिए देखिए बिना जवाब दिए भाग रहे हैं, भाग रहे हैं। मंत्री जी भाग गए। मंत्री जी जब भाग ही गए तो उनको मारा कौन? उनके ऊपर आरोप किसके ऊपर लगा रहे हैं? तो ये सब चंद सवाल हमारे हैं, जिसको जरूर प्रशासन अपने स्तर से इसकी जांच भी करेगी और हम तो चाहते हैं कि इसका दूध का दूध पानी का पानी हो। और श्रीमान तेजस्वी यादव जिस निर्लज्जता के साथ आज शनिवार आए थे, हम उम्मीद करेंगे कि उसी उसी संजीदगी के साथ एक बार कांटी चले जाएं और इसराइल मंसूरी के ऊपर जो केस फाइल हुआ है उसके प्रति भी जरा हमदर्दी दिखाने का काम करें। जरा चंपा विश्वास के परिवार को खोज कर के आज भी उनसे क्षमा मांग ले। उनसे माफी मांग ले। जिस पत्रकार को न्यूज चैनल नेशनल चैनल के पत्रकार को उनके पिताजी ने बोला कि तू मुक्का मारेंगे घुमा के की नाच के गिर जाओगे उससे जरा नाच के माफी मांग ले। तेजस्वी यादव जी हम इन्हीं विषयों को लेकर के प्रेस कॉन्फ्रेंस किए हैं। ये सुशासन की सरकार है। ये एनडीए की सरकार है। अगर मैं भी दोषी होगा तो मैं आपकी अदालत में कहता हूं मुझे सजा मिलनी चाहिए। अगर मैं दोषी नहीं हूं तो ये जितने लोग छल प्रपंच करने आए थे, थाने तक उन सब के खिलाफ भी सजा मुकर्रर हो। इस प्रकार की बात मैं प्रेस के माध्यम से करना
चाहता हूं। वैसे जिस बंधु ने अपने को दोषी अपर बंधु ने अपने को प्रचारित किया है, वह हमारे क्षेत्र के रहने वाले हैं, हमारे अनुज हैं, हमारे छोटे भाई हैं। चाहे वह यूट्यूब हो, चाहे वह मोबाइल धारी, कैमरामैन, मोबाइल धारी, कैमरा धारी, मोबाईल कैमरा धारी क्या बोलिएगा? नया नया आजकल वो हो हम सब। आजकल तो जहां जाते हैं वहां लोग मिल जाते हैं तो हम उनका पूरा सम्मान करते हैं। हमारे छोटे भाई जैसे हैं। उनको कुछ लोग बलि का बकरा बनाना चाहते हैं अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए। उनको आगे करके कुछ लोग उनके कंधे पर बंदूक रखकर चलाना चाह रहे हैं। हम एक ऐसे व्यक्ति को देख रहे हैं
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष आदित्य नारायण मन्ना,जिला महामंत्री विजय चौधरी,सुजीत मल्लिक, जिला उपाध्यक्ष अभयानंद झा,बिहार जिला मीडिया प्रभारी मुकुंद चौधरी,अंजनी निषाद,नगर अध्यक्ष श्रवण कुमार महतो,अंकुर गुप्ता अशोक नायक,अशोक शाह,गुलशन चौधरी सहित अन्य कार्यकर्त्ता उपस्थित थे।
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