होली खेलिए, खुशियां मनाइए… लेकिन पिस्टल लहराना क्यों? समस्तीपुर का वीडियो वायरल
बिहार में होली का त्योहार हमेशा से रंग, मस्ती और भाईचारे का प्रतीक रहा है। लेकिन इस बार सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसने लोगों को खुश होने के बजाय सोचने पर मजबूर कर दिया है।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो समस्तीपुर, बिहार का है, जहां कुछ लोग होली का जश्न मना रहे थे। रंग-गुलाल, डीजे और नाच-गाने के बीच अचानक एक युवक हाथ में पिस्टल लहराते हुए दिखाई देता है। वह नाचते-गाते हुए बंदूक दिखा रहा है, जिसे देखकर आसपास मौजूद लोग भी हैरान नजर आते हैं।
सोशल मीडिया पर जैसे ही यह वीडियो सामने आया, लोगों की प्रतिक्रियाएं तेजी से आने लगीं। कई लोगों ने सवाल उठाया कि “होली खेलिए, खुशियां मनाइए… लेकिन इस तरह हथियार दिखाने की क्या जरूरत है?”
कुछ यूजर्स का कहना है कि ऐसे वीडियो बिहार की छवि को खराब करते हैं। एक यूजर ने लिखा, “अगर हथियार है तो जिम्मेदारी भी होनी चाहिए। त्योहार में पिस्टल लहराना बहादुरी नहीं, बेवकूफी है।”
दरअसल, भारत में सार्वजनिक जगहों पर हथियार का प्रदर्शन करना या उसे लहराना कानूनन गलत माना जाता है, चाहे वह लाइसेंसी ही क्यों न हो। ऐसी हरकत किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
बिहार में होली हमेशा से भाईचारे और खुशी का त्योहार रहा है। गांव-शहर हर जगह लोग रंग लगाकर, गाना गाकर और मिठाई बांटकर इस पर्व को मनाते हैं। लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही या दिखावे की आदत इस खुशी के माहौल को खराब कर देती है।
जरूरत इस बात की है कि त्योहार को त्योहार की तरह ही मनाया जाए।
रंग से खेलिए, ढोल-नगाड़े पर नाचिए, दोस्तों के साथ हंसी-मजाक कीजिए — लेकिन हथियारों का दिखावा करके अपनी और दूसरों की जान खतरे में डालना बिल्कुल भी सही नहीं है।
सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो एक बार फिर याद दिलाता है कि त्योहार का मतलब खुशी फैलाना है, डर पैदा करना नहीं।
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