Bihar :- भ्रस्टाचार की पराकाष्ठा मनोज रजक को जब तक सरकारी नौकरी नहीं मिली थी, तब तक एजुकेशन लोन के 85 हजार चुकाने के भी लाले पड़े थे।
बिजली विभाग में जूनियर इंजीनियर की नौकरी लगते किस्मत बदल गई। इतना नोट कमाया कि उसे खपाने के लिए कौन-कौन से कर्म-कुकुर्म नहीं करना पड़ा।
मधुबनी के जयनगर में पोस्टेड बिजली विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (JE ) मनोज कुमार रजक रोजाना नई कंलक कथा लिख रहे हैं। 17 साल की नौकरी में उन्होंने इतना नोट छापा कि जांच एजेंसियां भी हैरान हैं।
घूस के पैसे को रियल एस्टेट में भी काफी निवेश किया है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की जांच के दौरान उनकी काली कमाई के रियल एस्टेट कंपनियों में निवेश से संबंधित कई डॉक्यूमेंट मिले हैं, जिनकी छानबीन अब भी चल रही है। दरभंगा मधुबनी नेपाल दार्जिलिंग मे अकूत सम्पत्ति का खुलासा 🫵
#maxxcrosby #ncaa #lyrics #ptbgramin #facebook #personalgrowth
#storms #vairalvideo #trending
#fbreels


टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें