लाख की रिश्वत, दो बार गिरफ्तारी: बेगूसराय के CO राजीव कुमार फिर निलंबित, सिस्टम पर उठे सवाल
(पूर्व सैनिक सह पत्रकार संतोष राय)
जहां एक ओर भूमि एवं राजस्व विभाग के मंत्री सह उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के खिलाफ विभागीय कर्मचारियों ने मोर्चा खोल रखा है, वहीं दूसरी ओर विभाग की कार्यप्रणाली खुद सवालों के घेरे में है। बेगूसराय के डंडारी अंचल से सामने आया ताजा मामला इस पूरे सिस्टम की हकीकत को उजागर करता है।
डंडारी के तत्कालीन अंचल अधिकारी (CO) राजीव कुमार को बिहार सरकार ने एक बार फिर निलंबित कर दिया है। यह वही अधिकारी हैं जिन्हें निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 9 सितंबर 2025 को 2 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भागलपुर केंद्रीय कारा भेजा गया था, जहां वे पहले भी निगरानी के एक अन्य मामले में सजा काट चुके हैं।
पहली गिरफ्तारी के बाद पूरे प्रदेश के अंचलाधिकारियों का सड़क पर उतरना इस बात का संकेत था कि विभाग के भीतर किस तरह का नेटवर्क और दबाव काम करता है। लेकिन जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद 26 नवंबर 2025 को राजीव कुमार ने दोबारा विभाग में योगदान भी दे दिया — जो अपने आप में कई सवाल खड़े करता है।
सरकारी नियमों के तहत उनका योगदान स्वीकार कर लिया गया और उन्हें अस्थायी रूप से निलंबन से मुक्त भी कर दिया गया, लेकिन अब उनके कृत्य को “घोर कदाचार” मानते हुए सरकार ने 30 मार्च 2026 से उन्हें पुनः निलंबित कर दिया है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पूर्णिया प्रमंडल आयुक्त कार्यालय निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें नियमित उपस्थिति दर्ज करनी होगी। उपस्थिति के आधार पर ही उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने साफ कहा है कि यह मामला बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976 के पूरी तरह प्रतिकूल है। साथ ही बेगूसराय के जिलाधिकारी से साक्ष्यों सहित आरोप पत्र (चार्जशीट) जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया है, जिससे संकेत मिलता है कि आगे कार्रवाई और कड़ी हो सकती है।
यह पूरा मामला एक बार फिर उस “जीरो टॉलरेंस” नीति की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़ा करता है, जिसका दावा सरकार बार-बार करती है। जब एक ही अधिकारी बार-बार निगरानी के जाल में फंसता है, जेल जाता है, फिर सिस्टम में लौट आता है — तो यह केवल एक व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की कमजोरी को उजागर करता है।
अब देखना यह होगा कि यह कार्रवाई वास्तव में एक मिसाल बनती है या फिर पहले की तरह फाइलों में सिमट कर रह जाती



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