दरभंगा जिला परिषद में बगावत: 27 पार्षदों ने अध्यक्ष सीता देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दायर
दरभंगा जिला परिषद की राजनीति में सोमवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब 27 पार्षदों ने एकजुट होकर अध्यक्ष सीता देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दायर कर दिया। यह प्रस्ताव जिला परिषद कार्यालय में विधिवत रूप से जमा किया गया, जिसकी प्रतिलिपि मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी और समाहर्ता को भी सौंपी गई है। इस कदम के बाद परिषद की सत्ता पर संकट गहरा गया है।
पार्षदों ने अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी चरम पर है। उनका आरोप है कि बिना पैसे के कोई भी कार्य नहीं हो रहा, जिससे आम जनता और जनप्रतिनिधि दोनों परेशान हैं।
इसके अलावा परिषद में नियमित बैठकों का आयोजन नहीं होना, पार्षदों की अनदेखी और प्रशासनिक अव्यवस्था को भी बगावत का मुख्य कारण बताया गया है। पार्षदों का कहना है कि सौ करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध होने के बावजूद विकास कार्य ठप पड़े हैं और योजनाओं का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
इस अविश्वास प्रस्ताव के पीछे दिनेश राम, सुलेखा देवी, रिंकी कुमारी, काजल देवी और सुमित्रा देवी सहित कई पार्षदों की अहम भूमिका बताई जा रही है।
वहीं नंदकिशोर झा बेचन, हरिमोहन यादव, अजय यादव, अवधेश यादव, धीरेंद्र मिश्र, हजिबुल्लाह हाशमी, सागर नवदिया, अमित ठाकुर, धीरज झा और असद आज़मी समेत अन्य सदस्यों ने भी इसका समर्थन किया है।
सूत्रों के अनुसार, अध्यक्ष की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है और परिषद में नए नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष रेनू देवी का नाम संभावित दावेदार के रूप में सामने आ रहा है, जिन्हें पार्षदों का व्यापक समर्थन मिल सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में दरभंगा जिला परिषद में बड़ा सत्ता परिवर्तन देखने को मिल सकता
है।




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