प्यार, शादी, BDO की नौकरी और फिर दर्दनाक अंत... पत्नी की मौत के बाद आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर तेज
मुजफ्फरपुर: दरभंगा के जाले प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मनोज कुमार की पत्नी अमृता कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खाने से हुई मौत का मामला लगातार चर्चा में है। घटना के बाद जहां मृतका के परिजनों ने बीडीओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए मिठनपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है, वहीं मनोज कुमार ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान हुई थी मुलाकात
मनोज कुमार ने बताया कि वह मुजफ्फरपुर के पियर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। वर्ष 2015 में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान उनकी मुलाकात सीतामढ़ी के बेला थाना क्षेत्र की रहने वाली अमृता कुमारी से हुई थी। दोनों एक ही शहर में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। समय के साथ दोस्ती प्यार में बदली और पढ़ाई के लिए अमृता के पटना चले जाने के बाद भी दोनों का रिश्ता कायम रहा।
ऑडिटर बने, फिर कोर्ट मैरिज और सामाजिक विवाह
मनोज कुमार का चयन 7 मई 2018 को रक्षा मंत्रालय में ऑडिटर के पद पर हुआ, जिसके बाद उनकी पहली पोस्टिंग इलाहाबाद (प्रयागराज) में हुई। लंबे समय तक चले प्रेम संबंध के बाद दोनों ने वर्ष 2020 में कोर्ट मैरिज की और साथ रहने लगे। बाद में दोनों परिवारों की सहमति से 9 दिसंबर 2022 को सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह भी संपन्न हुआ।
ऑडिटर से BDO तक का सफर
सरकारी नौकरी के साथ मनोज कुमार ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और 4 अगस्त 2022 को बीडीओ पद के लिए चयनित हुए। 20 दिसंबर 2022 से उन्होंने बेगूसराय में प्रशिक्षण लिया और ट्रेनिंग पूरी होने के बाद दरभंगा के जाले प्रखंड में उनकी पहली पोस्टिंग हुई। वर्तमान में वह वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।
पत्नी की मौत पर क्या बोले BDO?
मनोज कुमार के अनुसार, अमृता अधिकतर समय उनके साथ रहती थीं और कभी-कभी मुजफ्फरपुर स्थित आवास पर भी आती थीं। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन वह विभागीय प्रशिक्षण के सिलसिले में पटना में थे। इसी दौरान सूचना मिली कि उनकी पत्नी ने जहरीला पदार्थ खा लिया है।
उन्होंने कहा कि पति-पत्नी के बीच सामान्य वैवाहिक विवाद होते थे, लेकिन ऐसा कोई गंभीर मतभेद नहीं था, जिसकी वजह से अमृता इतना बड़ा कदम उठातीं। उन्होंने यह भी कहा कि पत्नी के मायके वाले गहरे सदमे में हैं और इसी कारण उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
इधर, मृतका के परिजनों ने बीडीओ मनोज कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए मिठनपुरा थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अमृता की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था और आरोपों में कितनी सच्चाई है।


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