🚨 बड़ी खबर: पटना PMCH में भारी हंगामा, इलाज में लापरवाही के आरोप के बाद वीडियो बनाने पर सीनियर नर्स के बेटों को कमरे में बंद कर पीटा! 🚨
पटना के सबसे बड़े अस्पताल PMCH से एक बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है। अस्पताल में पिछले 20 सालों से कार्यरत एक सीनियर नर्स के पति की मौत के बाद अस्पताल परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज की जान गई और जब उन्होंने इसका वीडियो बनाना चाहहा, तो जूनियर डॉक्टरों ने उनके बेटों की बेरहमी से पिटाई कर दी।
📌 क्या है पूरा मामला?
❌ लापरवाही का गंभीर आरोप: PMCH में कार्यरत सीनियर नर्स लक्ष्मी कुमारी के 55 वर्षीय पति अरविंद कुमार सिंह (जो दमा और किडनी की बीमारी से पीड़ित थे) को 2 जुलाई को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। उनके बेटे शिवम कुमार का आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा दी गई गलत दवा के कारण उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई, ऑक्सीजन लेवल गिर गया और सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे उनकी मौत हो गई।
📱 वीडियो बनाने पर भड़के डॉक्टर: मरीज की मौत के बाद जब बेटों ने कथित लापरवाही का मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया, तो जूनियर डॉक्टर उग्र हो गए।
👊 कमरे में बंद कर 1 घंटे तक पिटाई: आरोप है कि करीब 25 से 30 जूनियर डॉक्टरों, पीजी डॉक्टरों और इंटर्न्स ने दोनों भाइयों को पकड़कर इमरजेंसी के एक कमरे में बंद कर दिया और अंदर से कुंडी लगाकर करीब एक घंटे तक उनके साथ मारपीट की।
💔 नर्स मां के साथ भी बदसलूकी: जब पीड़िता सीनियर नर्स लक्ष्मी कुमारी अपने बेटों को बचाने कमरे में पहुंचीं, तो डॉक्टरों ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की की और उन्हें थप्पड़ मारे। घटना के बाद पीड़ित परिवार अस्पताल परिसर में रोता-बिलखता रहा।
⚠️ नर्सिंग स्टाफ का फूटा गुस्सा, हड़ताल की चेतावनी
इस घटना के बाद PMCH के नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जब अस्पताल की सीनियर नर्स का परिवार ही यहाँ सुरक्षित नहीं है, तो आम मरीजों और उनके परिजनों का क्या होगा? नर्सिंग स्टाफ ने अस्पताल प्रशासन से आरोपी डॉक्टरों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, और कार्रवाई न होने की स्थिति में सामूहिक हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
💬 प्रशासन का क्या कहना है?
"इमरजेंसी की एमआईसीयू में मरीज की मौत के बाद परिजनों और डॉक्टरों के बीच कहासुनी हुई थी। घटना से संबंधित तथ्यों की जानकारी ली जा रही है। आरोपों की जांच के लिए मृतक का पोस्टमार्टम भी कराया गया है। यदि किसी भी स्तर पर कोई चूक या अनुचित व्यवहार पाया गया, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
— डॉ. राजीव कुमार सिंह, अधीक्षक (Superintendent), PMCH
इस पूरी घटना और अस्पताल की इस व्यवस्था पर आपकी क्या राय है? क्या डॉक्टरों का यह व्यवहार जायज है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें और सच्चाई को सामने लाने के लिए इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें! 👇

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